गर्भावस्था में प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन का स्तर बढ़ने से पाचन तंत्र की गति धीमी हो जाती है। इसके अलावा, गर्भाशय का बढ़ता आकार और आयरन की दवाएं भी कब्ज का कारण बनती हैं। गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के तीव्र जुलाब (Laxatives) लेना सुरक्षित नहीं होता, लेकिन कुछ सुरक्षित और प्राकृतिक तरीकों से तुरंत राहत पाई जा सकती है।
1. गुनगुना पानी और नींबू सुबह खाली पेट एक गिलास हल्के गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं। यह आंतों की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करके पेट साफ करने में मदद करता है।
2. भीगी हुई मुनक्का या अंजीर 4-5 मुनक्का या 2 सूखे अंजीर को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खाएं और वह पानी भी पी लें। मुनक्का और अंजीर में मौजूद फाइबर और प्राकृतिक शर्करा आंतों की सफाई में बहुत प्रभावी होते हैं।
3. प्रून जूस (Prune Juice) आलूबुखारे का जूस (Prune Juice) एक प्राकृतिक लैक्सेटिव की तरह काम करता है। आधा गिलास प्रून जूस पीने से आंतों में पानी का अवशोषण बढ़ता है, जिससे मल ढीला होता है और आसानी से बाहर निकलता है।
4. ईसबगोल की भूसी एक चम्मच ईसबगोल की भूसी को एक गिलास गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर तुरंत पिएं। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों की गतिशीलता को बढ़ाता है। इसके सेवन के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी ज़रूर पिएं।
5. सही टॉयलेट पोस्चर शौच के समय इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करें या वेस्टर्न टॉयलेट सीट पर बैठते समय पैरों के नीचे एक छोटा स्टूल (Footstool) रखें। घुटनियों को थोड़ा ऊपर उठाने से आंतों का संरेखण (Alignment) सही होता है, जिससे बिना दबाव डाले पेट साफ हो जाता है।
6. 15-20 मिनट की हल्की सैर खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने से पेट और आंतों की मांसपेशियों में संकुचन होता है, जिससे फंसा हुआ मल आगे की ओर खिसकता है।
ज़रूरी सावधानियां
- ज़ोर न लगाएं: पेट साफ करने के लिए अत्यधिक बल लगाने से बचें, इससे बवासीर (Piles) या गर्भाशय पर दबाव पड़ सकता है।
- बिना सलाह दवा न लें: बाजार में मिलने वाले जुलाब या कब्ज की गोलियां गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकती हैं, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना कोई भी दवा न लें।
यदि कब्ज 3-4 दिनों से अधिक समय तक बनी रहे, या इसके साथ पेट में तेज़ दर्द, उल्टी या ब्लीडिंग की समस्या हो, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
